आजकल के छात्र स्कूल के अत्यधिक सख्त नियमों के कारण स्वार्थी हो गए हैं, जिससे उन्हें अनुशासित करना लगभग नामुमकिन हो गया है। "इन स्वार्थी लड़कों को चाहे जितना डांटो, समय की बर्बादी है!" इसी शिक्षा दर्शन को मानते हुए एक जोशीली नई महिला शिक्षिका ने एक-एक करके लड़कों को उकसाया और पढ़ाई का क्रम बिगाड़ने की कोशिश की! ये निर्लज्ज लड़के आज्ञाकारी बने रहे। उनकी अभद्र भाषा अविश्वसनीय थी, और कपड़ों के ऊपर से भी उनके आकर्षक जी-कप स्तन साफ दिखाई दे रहे थे...